वैदिक-सईद मुलाकात से फ़ायदा किसका?

July 16, 2014 2:40 pm

नई दिल्ली। भारतीय पत्रकार वेद प्रकाश वैदिक की जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज़ मुहम्मद सईद से मुलाकात का फायदा आखिर किसको हो सकता है?

हाफ़िज सईद से मुलाकात की ये तस्वीर वेद प्रकाश वैदिक ने खुद ही अपने ट्विटर हैंडल पर डाली थी।

हाफ़िज सईद से मुलाकात की ये तस्वीर वेद प्रकाश वैदिक ने खुद ही अपने ट्विटर हैंडल पर डाली थी।

इंटेलीजेंस ब्यूरो सूत्रों की माने तो इसका फायदा सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तानी सेना की खुफ़िया एंजेसी आईएसआई को ही हो सकता है… आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज सईद से वैदिक की मुलाकात को लेकर जिस तरह का हंगामा देश में मचा है और सरकार को वैदिक की इस मुलाकात से किसी तरह का नाता ना होने की सफ़ाई देनी पड़ रही है, उससे एक सवाल तो उठता है- आखिर ये सारा ड्रामा किसके कहने पर मैनेज हुआ..आईबी सूत्रों की मानें तो आईएसआई ने भारत सरकार को शर्मसार करने के लिए ये सारी रणनीति बनाई…

आईबी सूत्रों का ये भी कहना है कि सईद आईएसआई के लिए ऐसा रोबोट जो उसी के इशारे पर हर काम करता है…आईएसआई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से तो पल्ला झाड़ सकती है लेकिन सईद से नहीं… 26/11 मुंबई आतंकी हमलेआईकी जांच करने वाले आईबी एजेंट भी सईद से वैदिक की मुलाकात को लेकर सकते में हैं। आईबी सूत्रों के मुताबिकआखिर सईद की किस हैसियत के चलते वैदिक ने उससे मुलाकात की। क्या वो राष्ट्र का प्रमुख है या वो कश्मीर का अधिकृत प्रवक्ता है। वो नरसंहार का दोषी है और कई देशों में वांछित है। उसे अपने जघन्य अपराधों की सज़ा मिलनी ही चाहिए।

आईबी सूत्रों का कहना कि सईद से मुलाकात के लिए इससे ज़्यादा ख़राब वक्त और कोई नहीं हो सकता था। जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं और अमेरिका ने जमात-उद-दावा (लश्कर का कथित चैरिटी संगठन) को प्रतिबंधित किया है तब से सईद और ज़्यादा आक्रामक हो गया है। अभी हाल में सईद ने ट्वीट किया थापाकिस्तान में हिंदुओं को भड़काने की जगह नरेंद्र मोदी भारत में मुसलमानों के अधिकारों पर ध्यान दें। पाकिस्तान में हिंदू सुरक्षित हैं।  

सईद इससे पहले भी ये ट्वीट कर चुका है- “सब जानते हैं कि पूरा भारतीय चुनाव पाकिस्तान विरोधी और इस्लाम विरोधी भावनाओं पर लड़ा गया।”

आईबी सूत्रों का मानना है कि आईएसआई कभी सईद को 26/11  के लिए कानून के अंजाम तक नहीं पहुंचने देगी। सईद हमले के बाद गिरफ्तार हुआ था लेकिन भारत को बताया गया कि उसका 26/11  से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि उसे 2002 में एक रैली में उसके भाषण के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस गिरफ्तारी का एक ही मकसद था उसे अमेरिकी ड्रोन हमले से बचाना।

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