दिल्ली सरकार करेगी राशन की होम डिलीवरी

November 15, 2017 12:34 pm

जिस तरह ऑनलाइन कम्पनियाँ सामानों की होम डिलीवरी करती हैं उसी तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल सरकारी रेट पर राशन को लोगों के घरों तक पहुंचाने की पहल शुरू कर रहे हैं।

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि आज के दौर में जब टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन से लेकर मोबाइल, कपड़े, फुटवियर्स और घर का राशन, सब्जी-भाजी सबकी होम डिलिवरी होती है, तो फिर जिन लोगों को सरकारी रेट पर राशन मिलता है, सरकार उनके घरों तक राशन क्यों नहीं पहुंचा सकती? अरविन्द केजरीवाल राजधानी में पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (PDS) को सुधारने के संबंध में रिव्यू मीटिंग कर रहे थे, इसी मीटिंग में उन्होंने फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के मंत्री और मीटिंग में मौजूद अधिकारियों से यह सवाल किया। जिस पर यहदिल्ली फैसला हुआ कि सरकार राशन की होम डिलिवरी के सिस्टम को शुरू करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने विभाग के अधिकारियों को एक फिजिबिलिटी स्टडी करने और कुछ क्षेत्रों में इसका एक्सपेरिमेंट करने का निर्देश दिया। दिल्ली सरकार का मानना है कि जिस तरह कई बड़ी कंपनियां ऑनलाइन ऑर्डर पर सामान डिलिवर करती हैं, उसी तरह अगर किसी कंपनी के साथ टाईअप कर के dilli सरकार राशन की होम डिलिवरी शुरू कर दे, तो लोगों को राशन की दुकानों के चक्कर ही नहीं काटने पड़ेंगे।

आजकल दिल्ली सरकार राशन बंटने में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मीटिंग में सीएम केजरीवाल के अलावा डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, खाद्य और आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन, सोशल वेलफेयर मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, चीफ सेक्रेटरी एम एम कुट्टी, फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के कमिश्नर केआर मीणा के अलावा राशन वेंडिंग मशीनें बनाने वाली कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि यह वेंडिंग मशीनें बायोमैट्रिक सिस्टम से ऑपरेट होती हैं और इनके द्वारा राशन के वितरण में होने वाली घपलेबाजी को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल तथा अन्य मंत्रियों ने ऐसी ही एक मशीन का डेमो भी देखा।

दिल्ली सरकार को अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती रहती हैं कि कुछ लोग दूसरों का राशन उनके नाम पर ले जाते हैं तथा इसके साथ-साथ मापतौल में भी गड़बड़ी की कई शिकायते आती हैं। ऐसी तमाम शिकायतों को पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम के डाटाबेस से जुड़ी बायोमैट्रिक टेबलेट मशीनों से लैस राशन वेंडिंग मशीनों के जरिए दूर किया जा सकता है। यह मशीनें राशन लेने आए व्यक्ति की आंखों या थंब इंप्रेशन या आधार नंबर के जरिए उसका वेरिफिकेशन करेंगी और जब यह पुष्टि हो जाएगी कि सही व्यक्ति ही राशन लेने आया है तो उसे उतनी मात्रा में राशन अपने आप उसके थैले में डाल देगी जितना उसको अलॉट है। ज्ञात हो कि दिल्ली में राशन की 2260 दुकानें हैं, दिल्ली सरकार यह कोशिश कर रही है कि होम डिलिवरी का सिस्टम शुरू होने तक इन सभी दुकानों पर ऐसी मशीनें लगाकर राशन वितरण के काम में पारदर्शिता लाई जाए, जिससे कि लोगों का हक उन्हें पूरा-पूरा मिल सके।

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