‪‎दिल्ली‬ बजट: शिक्षा प्रावधान किये दोगुना

June 25, 2015 9:00 pm

दिल्ली की केजरीवाल सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए वायदों की बारिश के साथ 41,129 करोड़ का बजट सदन में रखा। दिल्ली सरकार ने जहां एक ओर शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में बेहद महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ दिल्लीवासियों को भारी राहत दी, वहीं दूसरी ओर मनोरंजन और लग्जरी टैक्स में बड़ी वृद्धि कर झटका भी दिया है।

दिल्ली के स्वराज बजट की महत्वपूर घोषणाएं:

Delhi-Swaraj-Budgetमजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करेगी  सरकार। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 10,000 नए बेड लगेंगे। परिवहन-10,000 नई बसें और 5500 ऑटो को परमिट। 20 हजार नए स्कूल शिक्षकों की भर्ती होगी। दिल्ली की सभी अनाधिकृत कालोनियों में तीन साल के भीतर पाइपलाइन पहुंचाने की योजना। बिजली पानी की सब्सिडी के लिए 1090 करोड़ रुपए का बजट।

उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक का लोन बिना गारंटी के दिया जाएगा। दिल्ली में कामकाजी महिलाओं के लिए 6 नए हॉस्टल खुलेंगे। दिल्ली का स्वराज बजट:ऑटो और टैक्सी में GPS लगाने की योजना। दिल्ली की सभी बसों में सीसीटीवी कैमरा लगेंगे, साथ ही गार्ड भी करेंगे चौकसी बसों में।64 मेट्रो रूट पर फीडर सर्विस शुरु की जाएगी।

परिवहन के लिए 3695 करोड़ रुपए का बजट। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होगी दुरुस्त, एक ही कार्ड से यात्री कर सकेंगे बस, मेट्रो और ऑटो की सवारी।
किडनी के गरीब मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी। दिल्ली में हर आदमी के पास होगा डिजिटल हेल्थ कार्ड।
शिक्षा के क्षेत्र के लिए 9836 करोड़ रुपये प्रस्तावित। शिक्षा बजट को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ाया गया है। एडमिशन और फीस बढ़ाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाएगी। मनमानी करने वालो प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई। तीन नए ITI और 5 पॉलिटेक्निक खोले जाएंगे। मनमानी करने वाले प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई। एक साल में 236 नए स्कूल खोले जाएंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के हर क्लास में सीसीटीवी कैमरा लगाएं जाएंगे। दिल्ली को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने का संकल्प।
व्यापार के लिए सरल माहौल बनाया जाएगा। लाइसेंस की प्रक्रिया की समीक्षा होगी। लाइसेंस के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लाया जाएगा।
पहले चरण में सभी प्राइवेट, सरकारी कॉलेजों को फ्री वाई-फाई सेवा दी जाएगी, उसके बाद सभी गांवों को वाई-फाई से लैस किया जाएगा।

प्रमाणपत्र के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा लाई जाएगी। हर जिले में DUDA बनाई जाएगी जो निर्माण और रखरखाव का काम देखेगी। ठेकेदार को भुगतान तभी होगा, जब जनता उसके काम से संतुष्ट होगी।

स्वराज के तहत 11 विधानसभाओं में जनता के आदेश अनुसार काम होगा, इसके लिए हर विधानसभा को 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 253 करो़ड़ रुपये से स्वराज फंड की शुरुआत की जाएगी, जिसे जनता की मर्ज़ी के मुताबिक खर्च किया जाएगा।

MCD के लिए 5908 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। उत्तरी और पूर्वी नगर निगम की खराब आर्थिक स्थिति के चलते इनके पुनर्भुगतान इस बार के लिए स्थगित kiye जा रहे हैं। दिल्ली बजट: केंद्र से दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपये की मदद मिली है। 4,993 करोड़ रुपये केंद्र सरकार को पूर्व सरकारों द्वारा लिए गए कर्ज की वापसी के रूप में दिए जाएंगे।

1690 करोड़ रुपये बिजली पानी सब्सिडी के लिए प्रस्तावित। 2015-16 के बजट के लिए दिल्ली की प्रस्तावित राशि 41,129 करोड़ रुपये है। सरकार ने प्याज़ और आलू के भंडार बनाने का भी फैसला किया है।

2014-15 में 26, 604 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हुई। 1,30,000 रुपये का इनकम टैक्स दिल्ली के लोगों ने भरा है। लेकिन इसमें से 30% ही दिल्ली को मिल पाता है। अगर केंद्र इसका आधा पैसा भी दिल्ली को दे दे तो दिल्ली का विकास भी तेज़ होगा और सरकार आमदनी और भी बढ़ाएगी!


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