कांग्रेस और पाटीदारों के बीच समझौते के बाद विवाद

November 20, 2017 10:35 am

गुजरात में कांग्रेस और पाटीदार समुदाय के बीच गठबंधन कभी हाँ कभी ना के भंवर में हिचकोले खा रहा है। कल दोनों में समर्थन को लेकर बनी सहमति के कुछ घंटे बाद ही नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। देर रात में हार्दिक पटेल की अगुवाई वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के सदस्यों ने कांग्रेस के सूरत के दफ्तर पर हमला किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आंदोलन के दो नेताओं के नाम सहमति के बिना सूची में शामिल कर लिए।

सीट बंटवारे में सही प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हार्दिक समर्थकों ने रात में कई जगह हंगामा किया। कांग्रेस की सूची में PAAS के 2 नेताओं के भी नाम हैं, लेकिन हार्दिक समर्थक सिर्फ इतने पर राजी नहीं दिखाई दे रहे हैं। सोमवार की शाम को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने कांग्रेस के साथ समझौते का ऐलान करना था, लेकिन अब सूत्रों से पता चल रहा है कि यह प्रोग्राम रद्द हो गया है। ज्ञात रहे कि कल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए 77 उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की थी, इसमें पाटीदार समुदाय के 19 सदस्य हैं, जो कि सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में समुदाय को आरक्षण देने के लिए प्रचार कर रहे हैं। इनमें से हार्दिक पटेल के दो सहयोगी भी शामिल हैं।

इससे पहले कांग्रेस और पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने कहा था कि वह गुजरात में कांग्रेस के सत्ता में आने पर पटेलों को आरक्षण देने के मुद्दे पर समझौते पर पहुंच गए हैं। यह भी कहा गया कि आरक्षण फॉर्मूले की बारीकियों और गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने को लेकर पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के रुख को लेकर आधिकारिक घोषणा सोमवार को हार्दिक पटेल राजकोट में एक जनसभा में करेंगे। हालाँकि कांग्रेस की गुजरात विधानसभा चुनवों के प्रत्याशियों की पहले लिस्ट आने के बाद देर रात में बवाल शुरू हो गया। यहाँ तक कि PAAS के सदस्यों ने सूरत में कांग्रेस कार्यालयों पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दो नेताओं को उनकी सहमति के बिना सूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि जब समझौता हुआ तब कोई मौजूद नहीं था। अहमदाबाद स्थिति कांग्रेस मुख्यालय में भी ऐसी ही स्थिति बनी जिसे रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी बुलाने पड़े।

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की कोर कमेटी के सदस्य दिनेश बम्भानिया ने बताया कि उनका विरोध इस बात को लेकर है कि कांग्रेस ने उनकी अनुमति के बिना नामों की घोषणा की। दिनेश बम्भानिया ने कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।”

ज्ञात रहे कि अपनी पहली लिस्ट में कांग्रेस ने हार्दिक पटेल के सहयोगी ललित वसोया और नीलेश पटेल को जगह देते हुए घोषणा की थी कि दोनों पक्ष आरक्षण फॉर्मूले पर सहमत हैं और कांग्रेस का समर्थन कर रही पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की ओर से औपचारिक घोषणा हार्दिक पटेल द्वारा सोमवार को राजकोट में की जाएगी।


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