विवादों की कड़ी में अब नटवर सिंह की किताब

April 28, 2014 3:19 pm

K_Natwar_Singhनई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के समय एक-एक करके आ रही विवादों की किताबें कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ा रही हैं। हालाँकि कांग्रेस भी यह आरोप लगाती रही है कि यह किताबें प्रायोजित हैं। इसी की ताज़ा कड़ी में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह की किताब “वन लाइफ इज़ नॉट इनफ” का नाम भी जुड़ गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और किसी समय 10 जनपथ के बेहद करीबी माने जाने के कारण नटवर सिंह की किताब का और भी बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा था, हालाँकि उन्होने कहा कि इस किताब को इलेक्शन से पहले प्रकाशित करने का उनका कोई इरादा नहीं है। लेकिन इस किताब में क्या होगा इसका ईशारा उन्होने एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में दिया। नटवर सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 1991 के आर्थिक सुधार और अमेरिका के साथ सिविल न्यूक्लियर डील के लिए कुछ ज्यादा ही क्रेडिट दिया जाता है। पूर्व विदेश मंत्री ने आगे कहा कि आर्थिक सुधारों का सही क्रेडिट नरसिम्हा राव को मिलना चाहिए और न्यूक्लियर डील के पीछे उनकी मेहनत थी।

नटवर सिंह को 2005 में ऑयल फॉर फूड स्कैंडल में शामिल होने के आरोप के बाद विदेश मंत्री के पद से हटाया गया था। हालाँकि इससे पहले उन्हे इंदिरा गांधी के जमाने से ही नेहरू-गांधी परिवार का करीबी माना जाता रहा है। नटवर सिंह आईएफएस ऑफिसर के तौर पर पीएमओ में तैनात हुए थे और 1984 में राजनीति में आए। बाद में वह राजीव गांधी सरकार में मंत्री रहे और इसके बाद सोनिया गांधी के भरोसेमंद सलाहकार भी रहे।

इससे पहले प्रधानमंत्री के पूर्व प्रेस सलाहकार संजय बारू अपनी किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में इलज़ाम लग चुके हैं कि मनमोहन सिंह को छोटे-छोटे फैसलों के लिए भी 10 जनपथ की तरफ देखना पड़ता है। वहीँ पूर्व कोयला सचिव पी सी पारेख ने भी अपनी किताब “क्रूसेडर ऑर कांस्पीरेटर: कोलगेट एंड अदर ट्रूथस” के द्वारा मनमोहन सिंह के उपर कमज़ोर प्रधानमंत्री होने के आरोप लगाए हैं।

ऐसे में नटवर सिंह की किताब से एक बार फिर यह मुद्दा गरमाने की संभावना है! इन किताबों की इसलिए भी अधिक चर्चा हो रही है, क्योंकि यह चुनाव के समय सामने आई हैं और विपक्ष को बैठे-बिठाए कांग्रेस पार्टी और प्रधानमन्त्री पर हमला करने का बड़ा मुद्दा मिल गया है।

Controversial books are consistently increasing difficulties of Congress party in the crucial time of national elections. Former Foreign Minister Natwar Singh’s book “One Life Is Not Enough” has also been added in this episode. In the meanwhile, Congress also claimed that these books are sponsored by the opposition.

Natwar Singh told in an interview to a TV channel that lot of credit has been given to Prime Minister Manmohan Singh for the 1991 economic reform and civil nuclear deal with the United States. Former Foreign Minister further said that he was behind the nuclear deal and Narasimha Rao should get the credit for economic reforms.

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