प्रधानमंत्री मोदी की अटल पेंशन योजना को जनता ने नकारा!

October 11, 2015 2:19 pm

atal-pension-yojanaप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रचारित और पांच साल तक सब्सिडी वाली अटल पेंशन योजना को लोगों ने पसंद नहीं किया है। बीते 9 मई को जारी इस योजना में अभी तक दो लाख लाख से भी कम लोगों ने ही नामांकन कराया है।

जबकि इसके साथ जारी दो अन्य बीमा योजनाओं में नामांकन कराने वाले लोगों का आंकड़ा सवा दस करोड़ तक जा पहुंचा है। बताया जाता है कि इस योजना की लंबी लॉक इन अवधि और बेहद कम पेंशन राशि की वजह से लोग इसे पसंद नहीं कर रहे हैं।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें लोगों की अरुचि को देखते हुए अब बैंकों को इस योजना के तहत नामांकन करने के लिए लक्ष्य तय कर दिया गया है।

31 दिसंबर 2015 तक बैंकों को कम से कम दो करोड़ लोगों को इसमें नामांकन करने का जिम्मा दिया गया है। जिस बैंक की जितनी शाखाएं हैं, उसी हिसाब से लक्ष्य तय किया गया है।

हालांकि जो शुरूआती रुझान आए हैं, उनमें सभी बैंक लक्ष्य पूरा करने में पिछड़ गए हैं। सरकार ने इसे 9 मई 2015 को लांच किया था और 31 मई 2015 तक सार्वजनिक क्षेत्र के 26 बैंकों को 54.27 लाख खाता खोलने का लक्ष्य था।

लेकिन बैंक महज 1.83 लाख खाता ही खोल पाए हैं। इस योजना में लोगों की रुचि क्यों नहीं है, इस सवाल पर एक अग्रणी सरकारी बैंक के अध्यक्ष ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इसमें काफी लंबा लॉक इन पीरियड है।

उदाहरण के लिए यदि कोई 20 साल का व्यक्ति अभी खाता खुलवाता है तो उसकी राशि 40 साल तक फंसी रहेगी। इस बीच यदि उसे कोई आपात स्थिति आती है तो भी उसे पैसे नहीं मिलेंगे। एक अर्थशास्त्री के अध्ययन के हवाले से कहा जा रहा है कि 30 साल बाद जब किसी व्यक्ति को 5,000 रुपये पेंशन मिलेगी, तो उसकी वैल्यू आज के 125 रुपये के बराबर होगा।

मतलब ऊंट के मुंह में जीरा। अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल के उम्र के व्यक्ति को पात्र बनाया गया है। ये अगर प्रतिमाह 42 रुपये से 1,452 रुपये तक की राशि जमा करते हैं तो उनको 60 साल पूरा होने पर उनके द्वारा जमा की गयी पूंजी के हिसाब से 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की राशि प्रति महीने पेंशन के रूप में मिलेगी।

इसमें पांच साल तक हर लाभार्थी को प्रीमियम में 50 फीसदी राशि (प्रति वर्ष अधिकतम 1000 रुपये) केन्द्र सरकार से सब्सिडी भी मिलेगी। सरकार का कहना है जो कि व्यक्ति जितना ज्यादा राशि हर महीने जमा करेंगे, उन्हें उतनी ज्यादा राशि पेंशन के रूप में मिलेगी।


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